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भारत की जीडीपी वृद्धि और अगले वर्ष के अनुमान: एक विश्लेषण  

भारत की जीडीपी वृद्धि और अगले वर्ष के अनुमान: एक विश्लेषण

भारत की अर्थव्यवस्था ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसमें COVID-19 महामारी के बाद मजबूत पुनर्बहाली देखी गई है। वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रही, जो वैश्विक मंदी के बावजूद एक उत्कृष्ट प्रदर्शन है । वित्त मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में वृद्धि दर 6.5% से 7% के बीच रहने का अनुमान है । हालाँकि, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने FY25 के लिए 6.4% की वृद्धि दर का अग्रिम अनुमान जारी किया है, जो चार वर्षों में सबसे कम होगी । यह अंतर विभिन्न आर्थिक कारकों और मूल्यांकन पद्धतियों के कारण हो सकता है।
 प्रमुख आर्थिक संकेतक और क्षेत्रवार योगदान:
1. **उद्योग और निर्माण**: विनिर्माण क्षेत्र ने FY24 में 9.9% की वृद्धि दर्ज की, जबकि निर्माण गतिविधियों में भी 9.9% का उछाल देखा गया । FY25 में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 8.6% रहने का अनुमान है ।
2. **कृषि**: FY24 में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 17.7% रही, लेकिन FY25 में इसकी वृद्धि दर केवल 3.8% अनुमानित है ।
3. **सेवा क्षेत्र**: सेवाओं ने FY24 में 54.7% योगदान दिया और निर्यात $341.1 बिलियन के नए रिकॉर्ड तक पहुँचा । FY25 में इस क्षेत्र की वृद्धि 7.3% रहने की उम्मीद है ।
 वैश्विक स्थिति और रैंकिंग:
2025 में भारत की नॉमिनल जीडीपी $4.19 ट्रिलियन अनुमानित है, जो इसे जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाता है । आईएमएफ के अनुसार, 2027 तक भारत जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुँच सकता है । हालाँकि, प्रति व्यक्ति आय ($2,880) अभी भी विकसित देशों की तुलना में काफी कम है ।
 चुनौतियाँ और संभावनाएँ:
– **मुद्रास्फीति**: FY24 में खुदरा महंगाई दर 5.4% तक कम हुई, लेकिन भू-राजनीतिक संघर्ष या कमोडिटी कीमतों में उछाल से यह फिर बढ़ सकती है ।
– **राजकोषीय घाटा**: FY24 में यह घाटा 5.6% रहा, जो FY23 के 6.4% से बेहतर है, लेकिन FY25 के लिए लक्ष्य 4.5% निर्धारित है ।
निवेश और उपभोग**: FY24 में पूंजीगत व्यय 28.2% बढ़कर ₹9.5 लाख करोड़ हुआ, जो आर्थिक विकास को गति देगा ।
 निष्कर्ष:
2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.4% से 7% के बीच रहने का अनुमान है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। सेवा और विनिर्माण क्षेत्र प्रमुख ड्राइवर होंगे, लेकिन कृषि और वैश्विक अनिश्चितताएँ चुनौतियाँ बनी रहेंगी। सरकारी नीतियों और निवेश में तेजी से भारत अगले कुछ वर्षों में $5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त कर सकता है।
*स्रोत: वित्त मंत्रालय, NSO, IMF, और विश्लेषक रिपोर्ट्स
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